हमे नौकरी की जरूरत क्यों ?
नौकरी हम करे तो क्यों करे?दोस्त इसका उतर हर कोई जानता है| इस सवाल का जवाब तो सभी जानते है |अब मैं बताना चाहूंगा नौकरी हमारी जरूरत ही नही मजबूरी भी है |अपनी जिंदगी जीने के लिए रोटी,कपड़ा और मकान, इन तीनो की पूर्ति के लिए करनी पड़ती है ।नौकरी,मालूम है ये जो पानी,भोजन,और हमारी सारी जीने के साधन सभी का तालुकात नौकरी से ही है ।नौकरी नही तो हमारा अस्तित्व ही नही रहेगा|
नौकरी के प्रकार
अगर हम नौकरी के प्रकार के बारे में जानने की कोशिश करे तो,दोस्त इसका जवाब जरा मुश्किल है कारण ढूंढ पाना,आज के परिवेश कठिन है। नौकरी का जैसे ही बात आती है तभी हमारे कानो में सरकारी नौकरी गूंजने लगती है |आज नौकरी के पीछे सभी पागल है|वो भी सरकारी नौकरी।चलिए जानते है नौकरी कितने प्रकार के है--
1.खुद की नौकरी
2.दूसरे की नौकरी
3.सरकारी नौकरी
नौकरी का वर्णन
(1).खुद की नौकरी -जो भी नौकरी हम अपने तरीके से करे|अपना अधिकार हो उसपर ,बस हमारी ही मर्जी चले और किसी के मोहताज नही हो हम|जब काम बन्द करना चाहे बन्द करें,जब मर्जी शुरू कर दें।
हमारे पास कोई समय की पाबन्दी नही हो अपनी मर्जी के मालिक हो|पैसा कभी काम आये तो कभी ज्यादे कोई बात नही सभी हमारे ही है ,आज कम है तो कल ज्यादा हो जाएगा क्या फर्क पड़ने वाला है |इस हिसे में काम और पैसे की कोई सिमा नही होती है|यहां कपड़े अपने मन मुताबिक पहन सकते है।इसमें किसी दूसरे की मर्जी नही चलने वाली हैं।
अगर हम किसी काम के लिए छुट्टी की जरूरत हो तो किसी मांगने की जरूरत नही है। हैम जब चाहे तब कही भी जा सकते हैं।इस जीवन मे अपनी जीवन जीने कत्रिक अपने मुताबिक कर सकते है।
(2).दूसरे की नौकरी -इसका जवाब पहले वाले के बस उल्टा होगा यानी की इसमे हम किसी दूसरे की भीतर रह के काम करना होता है|यहां हमारे मर्जी नही चलती ,दुसरे के के लिए काम करना होता है|
यहां काम की सिमा तो नही होती पर पैसे की सिमा होती है |पैसा जितना आना है,उतना ही आएगा।उसमे कमी नही हो सकती।आपके मालिक जैसे कपड़े पहनने के लिए बोलेंगे वैसा ही पहनना पड़ेगा।
आपको कही जाना हो तो छुटटी लेकर ही जानी होगी।आपकी मर्जी नही चलेगी।जो काम दिया जाएगा वही काम करना पड़ेगा,चाहे वो काम आपको पसंद आये या नही आये करना ही पड़ेगा।इसमे हमारा जीवन शहरी में बदल जाती है ,भले ही हमारे पास पैसे की कमी हो पर जीवन एक शहरी तरीके के अनुसार चलने लगती है।
(3).सरकारी नौकरी -यह भाग दोनो से बिल्कुल अलग है |यहां हम जो भी करते है उसका हमे कोई डर नही होता |बस समय से आना है और जाना है |हमे कोई डर या परवाह नही होता जो कहा जाए उसे बस उसी तरीके से करना है और हमारा वो काम समाप्त हो जाएगा।
यह जो भाग है दूसरे वाले से काफी हद तक मिलता है।इन सबमे मे फर्क बस इतना रहता है की इसकी परेसानी उससे कम होती है।इसमें इतना पैसा मिल जाता है किआपका और आपके परिवार का भरण पोषण जाता है।
इसमे आपका जीवन 100%शहरी हो जाता है।इसमें आपको इतना पैसा मिल ही जाता है कि आपका जीवन मध्यमवर्गीय परिवार हो जाता है ।
हमारी पूरी जिंदगी आपको कोसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नही पड़ेगी।एक बात और आप की हैसियत डालने बच्चे की परवरिश की जिम आप 21 साल तक ही कर सकते है।इसके बीच आपको अपने बच्चे की भविष्य बनाना आपके हाथ मे है।कौन सी नौकरी अच्छी कौन सी बुरी
अब दोस्त बताना चाहूंगा कि इसका जवाब जरा मुश्किल है|सबसे पहली बात ,कोई भी नौकरी बुरी नही होती है |बस ये हम पर निर्भर करता है की हम उसे कितने अहमियत से लेते है
यहां हमारे कहने का मतलब है की उस नौकरी को कितने दिलचस्पि से लेते है |चाहे वो कोई भी काम हो बस उसमें मन को लगाना जरूरी है |वो काम अपने आप सूंदर हो जाएगा |
चाहे काम कोई भी हो कुछ दिन काम करने पर सभी काम से दिल उबने लगता है|अगर हम कोई कभी काम खुशी से करे तो वो काम सही लगने लगेगा |
अतः दोस्त कोई भी कम बुरी नही होती है ।यह आपके सोच पर निर्भर करता हैं।कोई भी कम कर चाहे वह काम छित ही क्यों न हो।आप उसे अपने मन मुताबिक बना सकते हैं,यह कहाँ तक सही है इसका अंदाजा अल्को खुद लगाना होगा।
नौकरी के प्रति आलस ही क्यों?
उस काम के प्रति जैसे ही आलस लाएंगे हम उस काम के में मन लगना मुश्किल हो जाएगा|क्यों की कोई भी काम दिल से होता है न की शरीर से|मजे की बात जान लें।
यह बात बहुत ही रोचक है ,याद करें जब हम कोई खेल खेलते है तो उसमे हमे बहुत सारि मेहनत करनी परती ,पर लय अपने कभी सोचा है,हमे वो काम बहुत अच्छी लगती है |इसका कारण एक ही है की वो काम मस्ती के रूप में लेते है नही की काम के रूप में |
बस आप तो समझ गए होंगे की मेरे कहने का मतलब |हमरा स्वभाव ही इस सारि जीव से अलग है|
इन सबसे एक ही बात सामने आती है की ,अगर हम कोई भी काम मस्ती की तरह करे तो वो काम मेहनती नही और ना ही बोरिंग महसूस नही होगी |
नौकरी की सबसे नकरात्मक हिस्सा
दोस्त एक बात है मानव कोई भी नौकरी करता है उससे दूर भहने की सबसे बड़ी वजह अपने परिवार से दूर रहना |अगर हमारे ईस समस्या का हल हो जाए तो मैं कहूंगा की 60%नौकरी करने वाले लोग खुश रहेंगे ,या वो सभी यही करना चाहेंगे परये तो हो ही नही सकता क्योंकि 40%नौकरी परिवार से दूर ही करनी होती है|


Hi
ReplyDeleteHello
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